Friday, November 27, 2020
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Share Market vs Mutual Fund कहा से शुरू करे निवेश

share market vs mutual funds

तो इन्वेस्टर्स कहा करना चाहिए आपको निवेश, शेयर बाज़ार या म्यूच्यूअल फंड्स ? बेस्ट आप्शन क्या है इन दोनों ही आप्शन में से? मैंने भी जब निवेश की शुरवात कर रहा था तो यह प्रशन था की कहा से शुरू करू निवेश ? और मैंने यह निर्णय लिया की मै शेयर मारकेट से अपना investment शुरु करूँगा. पर रुकिए सभी के लिए यह जरुरी नहीं है की वो कहा से अपना निवेश स्टार्ट करे. कुछ बाते है जो आपको ध्यान रखना होगा जिससे आपको मदद मिल पायेगी अपना फैसला लेने में. आपकी मदद होगी तो आर्टिकल को शेयर जरुर कीजियेगा.

ये दोनों निवेश क्या है ?

अगर आप लोगो को यह परेशानी हो रही है की कहा से अपना निवेश स्टार्ट करे तो आपको यहाँ जानना जरुरी है . शेयर बाज़ार और म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ?

शेयर बाज़ार (Share Market) क्या है ?

शेयर बाज़ार को स्टॉक मारकेट भी कहते है, इसका मतलब क्या है ? शेयर बाज़ार में अगर आप निवेश करते है तो आप डायरेक्ट किसी कंपनी में निवेश कर रहे. किसी कंपनी में निवेश कर रहे है का मतलब की आप उस कंपनी के कुछ हिस्सों को खरीद रहे है. और फिर आप उस कम्पनी के उस हिस्से के मालिक हो जाते है. अब कंपनी घाटे में जाए या फायेदे में आप उसके साथ होंगे. इस्सी तरह से शेयर मारकेट काम करता है. और यही शेयर बाज़ार है, जहा पर कंपनी के कुछ हिसेदारियो की खरीद – बेच की जाती है .

share market basic for new investor .

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ?

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ? म्यूच्यूअल फण्ड को सरल भाषा में कहे तो यह भी शेयर मारकेट में इन्वेस्ट करने का इनडायरेक्ट तरीका है . म्यूच्यूअल फण्ड एक कई सारे स्टॉक का बंडल है. इसमें अगर आप निवेश करते है तो आप एक बार में कई सारी कंपनी के शेयर के मालिक बन सकते है . पर ध्यान रहे की आप इन डायरेक्ट मालिक होंगे, डायरेक्ट नहीं. इस बात को मैंने आगे समझया है .

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Ownership (मालिकाना हक )

अगर आप कही निवेश कर रहे है तो यह जरुरी है आपको जानना की आपका कितना कंट्रोल है उस निवेश पर? चलिए देखते है :

शेयर बाज़ार में इन्वेस्टर की ओनरशिप क्या है ?

शेयर बाज़ार में जैसा की मैंने आप सभी को बताया की आप कंपनी के शेयर में डायरेक्ट इन्वेस्ट कर सकते है . तो इसके आप मालिक भी डायरेक्ट होंगे. यहाँ तक की जीन कंपनी में आप निवेश कर रहे है, उन कंपनी के ओनर भी आपके ख़रीदे गए शेयर पर अपना हक नहीं जता सकते . यानि की अगर आप शेयर मारकेट में निवेश कर रहे तो इसका पूरा कंट्रोल आपके हाथो में है. और इस कंट्रोल से आप किसी भी शेयर को खरीद और बेच सकते है.

म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टर की ओनरशिप क्या है ?

म्यूच्यूअल फण्ड जैसा की मैंने आपको बताया की आपका पैसा इन डायरेक्ट निवेश होता है. यानी की फण्ड मेनेजर के द्वारा आपका पैसा अलग – अलग कंपनी के स्टॉक/शेयर में निवेश किया जाता है. और आप जिस भी म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करते है उस फण्ड की आपको यूनिट मिलती है. जैसे की किसी स्टॉक के शेयर बी करने पर शेयर/स्टॉक मिलते है.

तो यह साफ़ है दोस्तों की आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर रहे है. तो आप कंपनी के शेयर के नहीं, आप उस म्यूच्यूअल फण्ड के यूनिट के मालिक बनते है. और उस यूनिट को आप जब चाहे तब बेच सकते है. किसी तरह की पाबन्दी नहीं है .

शेयर बाज़ार और म्यूच्यूअल फण्ड में सबसे ज्यादा रिस्क कहा है ?

चलिए यह तो काफी अच्हा क्वेश्चन है. की रिस्क या जोखिम कहा है अगर हम निवेश कर रहे है अपना पैसा , शेयर मारकेट या म्यूच्यूअल फंड्स में ?

शेयर मारकेट में रिक्स

शेयर बाज़ार जैसा की मैंने आपको बताया की अगर आप इन्वेस्ट कर रहे है तो किसी कंपनी के कुछ शेयर आप खरीद रहे है. यानि की अगर आपके द्वारा चुनी गई कंपनी नुक्सान में जाती है तो आपको भी नुक्सान झेलना पड़ेगा. और इसका दूसरा फायदा भी है, अगर आपने पूरी फंडामेंटल एनालिसिस उस स्टॉक की है और उस कंपनी के शेयर में निवेश किया है तो आपको फायदा होगा अगर कंपनी को फायदा होता है . इसलिए अगर आप रिस्क की बात करे तो रिक्स तो है. क्योकि आप कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट कर रहे है और कंपनी को नुक्सान होगा तो आपको भी नुक्सान होगा. इस पार्ट को आप अगले पैराग्राफ में पढियेगा जब आप म्यूच्यूअल फण्ड के रिस्क को समझ जायेगे.

म्यूच्यूअल फण्ड में रिस्क

म्यूच्यूअल फण्ड में भी रिस्क है. जैसा की मैंने आपको बताया की म्यूच्यूअल फण्ड में आपका पैसा इन डायरेक्ट शेयर बाज़ार में लगाया जाता है. तो दोस्तों अगर उन कंपनी को नुक्सान होगा तो आपके फण्ड की यूनिट की प्राइस भी कम होगी. तो आपको भी नुक्सान होगा . अगर रिस्क की बात करते है तो दोनों में रिस्क ज्यादा .

क्या करना चाहिए ?

देखिये इन्वेस्टर अगर आप शेयर मारकेट में निवेश करते है तो आप एक बार में किसी एक कंपनी में निवेश करेगे. वही अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करते है तो आप एक फण्ड से कई सारे स्टॉक में निवेश कर सकते है . इसलिए अपनी जरुरत को समझे . आपको क्या शेयर मारकेट के बारे में सब कुछ पता है. क्या आप अपने लिए एक अच्हा शेयर चुन सकते है. अगर आपका जवाब हां है तो आप शेयर बाज़ार में निवेश शुर करे.

पर सही बात तो ये है की आप नहीं चुन सकते है यहाँ तक की मै भी नहीं. पर फंडामेंटल एनालिसिस कर के अपने लिए एक अच्हा स्टॉक चुना जा सकता है. खुद की एनालिसिस से. पर मेरा सवाल ये है की क्या आप यह कर सकते है?

अगर आप लोग म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करते है तो आपको एक फण्ड मेनेजर मिलेगा जो की काफी अनुभवी होता है. और आप जिस भी फण्ड को इन्वेस्ट करने के लिए चुनते है तो वो फण्ड मेनेजर अपने अनुभव से आपका पैसा अलग – अलग स्टॉक में लगाता है . जिससे की आपके एक स्टॉक के रिटर्न सही भी ना हो तो आपके म्यूच्यूअल फण्ड के रिटर्न पर ज्यादा प्रभाव नहीं पढ़ता है .

तो आखिर करना चाहिए,अगर आपको शेयर बाज़ार की थोड़ी सी भी समझ है तो उसे और बडाये. और आप अपना investment म्यूच्यूअल फण्ड से स्टार्ट करे और अगर आपको शेयर मारकेट की समझ है थोड़ी बहुत से ज्यादा, तो आपको शेयर बाज़ार से भी अपना investment स्टार्ट करना चाहिए. जैसे की आपको पता है की सेंसक्स क्या है, निफ्टी क्या है ? कैसे काम करते है तो आपको अपना निवेश शेयर मारकेट से भी स्टार्ट करना चाहिए. पर स्टार्ट करना चाहिए ना की कर देना चाहिए. आपको पहले इन्वेस्ट कर के मारकेट को थोडा बारीकी से समझना होगा.

क्या म्यूच्यूअल फण्ड और शेयर मारकेट में फीस भी देनी पड़ती है ?

जी हां दोनों में ही आपको कुछ एक्स्ट्रा चार्जेज देने पड़ते है जो की आपके निवेश से ही काट लिया जाता है . चलिए देखते है कितना चार्ज लगता है ?

शेयर मारकेट के फीस एंड चार्ज

शेयर मारकेट में निवेश को समझना होगा आपको. अगर आप शेयर मारकेट में निवेश कर रहे है तो ब्रोकर के माध्यम से ही कर सकते है. आप आपके पास डायरेक्ट निवेश करने का आप्शन नहीं मिलता है. आइये इसको बारीकी से समझते है:

इंडिया में दो स्टॉक एक्सचेंज है: पहला NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ) और दूसरा BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ). इनके अलावा कोई और स्टॉक एक्सचेंज नहीं है जहा पर शेयर को ख़रीदा या बेचा जा सके. पर यहाँ पर आप डायरेक्ट नहीं खरीद सकते है शेयर को. इन दोनों जगहों से स्टॉक को खरीदने के लिए आपको ब्रोकर की जरुरत पड़ेगी. जिससे शेयर मारकेट की भाषा में डिपाजिटरी पार्टीसिपेंट (DP) खाते है . जैसे की zerodha, upstox, angel broking etc.

तो इनके थ्रू हम स्टॉक को खरीदते है तो हमे कुछ चार्जेज देने पड़ते है. और यह चार्ज ब्रोकरेज कहलाता है. यह आपको केवल खरीदते समय देना होता है. और कई सारे ब्रोकर आपसे .01% का चार्ज लेते है तो कई आपसे एक सीमा तक चार्ज करते है जो की 20 या 30 रूपए अधिकतम होता है. और इन्वेस्टर्स आप शेयर खरीदना चाहते है तो इनके साथ KYC आपको एक बार करनी होगी जो की 100 रूपए से 300 रूपए तक का सालाना चार्ज ले सकते है. इस KYC प्रोसेस को DEMAT Account कहते है . इसकी जरुरत आपको म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते समय भी पड़ती है. Demat अकाउंट खोलने के लिए यहाँ क्लिक करे .

म्यूच्यूअल फण्ड के फीस और चार्जेज

म्यूच्यूअल फण्ड में भी फीस और चार्जेज लगते है. सबसे पहला चार्जेज जो की मैंने आपको बताया की demat अकाउंट का . दूसरा चार्ज होता है आपके फण्ड मनेजमेंट की फीस. जिससे एक्सपेंस रेश्यो कहा जाता है. इसमें दो तरह के चार्ज होते है:

पहला चार्ज आपके फण्ड की मनेजमेंट टीम को जाता है, जो की आपका फण्ड मेनेजर और एसेट्स मनेजमेंट कंपनी (जिसके म्यूच्यूअल फण्ड को आपने ख़रीदा है). जैसे की अगर आपने SBI के किसी म्यूच्यूअल फण्ड को ख़रीदा है तो आपसे SBI उस फण्ड के लिए फीस लेगा.

दूसरा चार्ज होता है लीगल मनेजमेंट फीस जो की SEBI आपसे लेती है. अब सेबी क्या है? SEBI एक सरकारी संस्था है जो इस म्यूच्यूअल फण्ड और शेयर मारकेट की पूरी गतिविधि पर नजर रखती है. जिससे इनमे होने वाले फ्रॉड को रोका जा सके. यानी की अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड और शेयर मारकेट में निवेश कर रहे है तो आपके साथ फ्रॉड ना हो इसके लिये ये संस्था काम करती है.

इस विडियो से सीखे की कैसे demat अकाउंट खोल सकते है स्टेप बाई स्टेप . DEMAT ACCOUNT की डायरेक्ट लिंक जहा से आप खोल सकते है जो विडियो में दिखाया गया है:

click here to open

how to open demat account step by step in hindi. with full demo

कहा निवेश करना चाहिए आपको ?

इन्वेस्टर्स अगर आप लोगो ने ऊपर से निचे तक पड़ा होगा तो आपको अंदाजा लग ही गया होगा. अगर आप मेरी सलाह की बात करते है तो मै आपको निचे के पॉइंट में विस्तार में समझाया हु:

शेयर मारकेट में किसे निवेश करना चाहिए?

पहला, शेयर मारकेट में वही लोग निवेश करे जिनको शेयर मारकेट के बेसिक जानकारी हो गई है. जैसे की शेयर मारकेट काम कैसे करता है . शेयर मारकेट के अलग – अलग रेश्यो क्या है . और इन रेश्यो का क्या काम है? तो आपको शेयर मारकेट में investment करना शुरू करना चाहिए.

दूसरा, जिनको ज्यादा जानकारी नहीं है. तो आप सभी को शेयर मारकेट में तभी निवेश करना चाहिए, जब आपके पास कुछ पैसे है और जिनके कैपिटल लॉस से आपको फर्क नहीं पड़ेगा. यानी की आपके पास एक्स्ट्रा पैसे है जिनकी जरुरत आपको अभी नहीं और ना ही आने वाले कुछ सालो में पड़ने वाली है. तो आप उन पैसो को कुछ अच्हे स्टॉक में इन्वेस्ट कर सकते है. पर मेरी सलाह मानिये तो आप थोडा सा बेसिक, शेयर मारकेट के बारे में जान जाइये. तब आकर निवेश करे.

तीसरा, वो इन्वेस्टर जो म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर रहे . तो अब आपको अपने निवेश को शेयर मारकेट में भी करना चाहिए. अब आप भी डायरेक्ट कंपनी में निवेश करना शुरू करे.

मुझे आशा है की आप कुछ तर्क कर सकते है . अब आपको कहा निवेश करना चाहिए अगर फिर भी कही किसी तरह का क्वेश्चन आता है तो कमेंट करे. और रेगुलर चेक करते रहिएगा जिससे आपको और जानकारी मिलती रहे .

धन्यवाद !

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Ravi Kant
Hi... this is Ravi the man behind 'The Indian Fever' I am a full-time Youtuber as well as the blogger. I am providing here the perspective and analysis of knowledge and news by my own analysis.
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