Monday, November 18, 2019
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नासा ने शुरू किया चैलेंज, सही जवाब देने पर मिलेंगे साढ़े 3 लाख

नासा प्रतियोगिता

अमेरिकन अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने नए-नए अध्ययन के लिए कुछ ना कुछ करता ही रहता है. नासा चाँद के बाद, मंगल, बृहस्पति पर भी पहुँच चुका है जिसकी और भी जानकारी सामने आने वाली है. इसके अलावा आपको बता दें नासा ने एक प्रतियोगिता शुरू की है जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड को उपयोगी तत्वों में बदलने के लिए कुछ नए उपाय चाहती है. इन उपायों से भविष्य में मंगल ग्रह पर अध्ययन करने में सुविधा रहेगी.

क्या है प्रतियोगिता?

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी नासा एक प्रतियोगिता करवा रहा है, जिसमें लोगों से लोगों से सुझाव पूछे गए हैं. खास बात ये है कि उनके सुझावों से अंतरिक्ष यात्रियों की मदद की जाएगी. यह प्रतियोगिता जीतने वाले उम्मीदवारों को नासा 50 हजार डॉलर का इनाम भी देगा. आइए जानते हैं इस प्रतियोगिता से जुड़ी अहम बातें…

नासा की इस प्रतियोगिता में कार्बन-डाई-ऑक्साइड को उपयोगी तत्वों में बदलने के लिए नवीन उपाय सुझाने के लिए कहा गया है. इन सुझावों से भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों को मंगल ग्रह का अध्ययन करने में मदद मिल सके.

नासा ने एक बयान में कहा कि जब अंतरिक्ष यात्री मंगल ग्रह का अध्ययन शुरू करेंगे तो उन्हें स्थानीय संसाधनों की आवश्यकता पड़ेगी. कार्बन डाइऑक्साइड ऐसा संसाधन है जो मंगल ग्रह के वातावरण के भीतर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहता है.

नासा का नया ‘सीओ2 कंवर्जन चैलेंज’ एक जन प्रतियोगिता है, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड को उपयोगी तत्व में बदलने के नवीन उपाय मांगे जाएंगे. नासा ने कहा कि ऐसी तकनीकों से हमें मंगल ग्रह पर स्थानीय और उसके मूल संसाधनों का इस्तेमाल कर अन्य पदार्थ बनाने में मदद मिलेगी और जिसका इस्तेमाल पृथ्वी पर भी किया जा सकेगा.

कब आएंगे रिजल्ट- नासा प्रतियोगता के नतीजे अगले साल अप्रैल में घोषित करेगी जिसमें पांच टीमों में से प्रत्येक को 50,000 अमेरिकी डॉलर यानी 3,50,000 दिए जाएंगे.

बता दें कि हाल ही में नासा ने फ्लोरिडा के केप कैनावेरल वायुसेना अड्डे से छोटी कार के आकार के अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष यान ‘पार्कर सोलर प्रोब’ को सूर्य की सतह का अध्ययन करने के लिए लांच किया था.

इस अंतरिक्ष यान का नाम पार्कर एक भौतिक विज्ञानी यूजीन पार्कर के नाम पर रखा गया है. यूजीन ने सबसे पहले 1958 में सूर्य से लगातार निकलने वाली आवेशित कणों और चुंबकीय क्षेत्रों की लहर सौर हवा की मौजूदगी का अनुमान लगाया था.

 

 

 

 

 

Ravi Kant
Hi... this is Ravi the man behind 'The Indian Fever' I am a full-time Youtuber as well as the blogger. I am providing here the perspective and analysis of knowledge and news by my own analysis.

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